अमरीका में गैरबराबरी के अध्ययन से कुछ ऐसे
तथ्य उजागर होते हैं जिन पर विश्वास करना सचमुच कठिन है।
1. संयुक्त राज्य की कम्पनियाँ सबसे कम आय वाले 20 प्रतिशत अमरीकियों की तुलना में कुल
मिलाकर बहुत ही कम प्रतिशत कर चुकाती हैं।
2011
में कुल कॉरपोरेट मुनाफा 1970 अरब डॉलर था। जिसमें से कॉरपोरेटों ने
181 अरब डॉलर (9 प्रतिशत) संघीय कर और 40 अरब डॉलर (2 प्रतिशत) राज्य कर के रूप में अदा
किया। यानी उनका कुल कर भार केवल 11
प्रतिशत था। सबसे गरीब 20 प्रतिशत अमरीकी जनता ने संघ, राज्य और स्थानीय निकायों को अपनी
आमदनी का 17.4 प्रतिशत कर के रूप में चुकाया।
2. अत्यधिक मुनाफा और कर भुगतान से बचने वाले तकीनीकी उद्योग को सरकारी
खर्च से चलने वाले अनुसंधान के जरिये खड़ा किया गया था।
तकनीकी क्षेत्र किसी अन्य उद्योग की तुलना में
सरकारी अनुसंधान और विकास पर कहीं अधिक निर्भर रहे हैं। अमरीकी सरकार ने 1980 से ही तकनीक और संचार में बुनियादी
शोधों के लिए लगभग आधे के बराबर वित्तीय सहायता मुहैया की। आज भी संघीय अनुदान
विश्वविद्यालयों में होने वाले अनुसंधानों का लगभग 60 प्रतिशत खर्च वहन करता है।
आईबीएम की स्थापना 1911 में, हेवलेट्ट-पैक्कार्ड की 1947
में, इन्टेल की 1968 में, माइक्रोसाफ्ट की 1975
में, एप्पल और ओरेकल की 1977 में, सिस्को की 1984 में हुई थी। ये सभी सरकार और सेना के
नवाचारों पर निर्भर थीं। अभी हाल ही में निगमित गूगल की शुरूआत 1996 में हुई, जिसका विकास रक्षा विभाग के अर्पानेट प्रणाली और नेशनल साईंस फेडरेशन
के डिजिटल पुस्तकालय पहल के माध्यम से हुआ।
2011
में इन सभी कम्पनियों का सम्मिलित संघीय कर भुगतान महज 10.6 प्रतिशत था।
3. शेयर बाजार में वित्तीय उपकरणों के 10 हजार महाशंख (quadrillion, यानी
10 पर 23 शून्य वाला अंक) डॉलर की बिक्री पर
कोई कर नहीं।
अंतरराष्ट्रीय भुगतान बैंक द्वारा प्रस्तुत 2008 की रिपोर्ट के मुताबिक कुल वार्षिक
व्युत्पत्ति व्यापार 11.4 हजार महाशंख डॉलर था। इसी साल शिकागो
वाणिज्यिक विनिमयन की रिपोर्ट के मुताबिक यह व्यापार 12 हजार महाशंख डॉलर था।
10
हजार महाशंख डॉलर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था (सकल विश्व वार्षिक उत्पाद) से 12 गुना से भी अधिक है। यह अमरीका के
प्रत्येक आदमी को 30 लाख डॉलर देने के लिए यह पर्याप्त है।
लेकिन एक मायने में यह असली मुद्रा नहीं है। इसमें ज्यादातर कम्प्यूटर के जरिये
होने वाला एक प्रकार का ऊँची मात्रा का नेनोसेकेण्ड व्यापार है जिसने हमारी
अर्थव्यवस्था को लगभग तबाह कर दिया है। इसलिए इसके ऊपर एक छोटा सा बिक्री कर पूरी
तरह न्यायोचित है। लेकिन इस पर कोई बिक्री कर नहीं है।
आप बाहर जाकर जूता या आई फोन खरीदिए तो इसके
लिए आपको 10 प्रतिशत से ज्यादा बिक्री कर अदा करना
होगा। लेकिन वॉलस्ट्रीट जाइये और दस लाख डॉलर के बेहद जोखिम भरे क्रेडिट डिफाल्ट
स्वैप खरीदिये और शून्य प्रतिशत कर चुकाइये।
4. बहुत से अमरीकियों को देश की कुल आय में प्रति
डॉलर पर एक सेंट हिस्सा मिलता है।
-श्वेत
परिवारों के मालिकाने वाले प्रति डॉलर गैर आवासीय सम्पत्ति की तुलना में अश्वेत
लोगों के पास महज एक सेन्ट की सम्पत्ति है।
- 0.1
प्रतिशत सबसे अमीरों की 1980 में जितनी सम्पत्ति थी उसमें चार गुने
की बढ़ोत्तरी हुई। वहीं 90 प्रतिशत सबसे गरीबों की सम्पत्ति में
एक प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई।
-अमरीका
की कुल वित्तीय प्रतिभूतियों (जैसे बॉण्ड) में नीचे के 90 प्रतिशत अमरीकियों का हिस्सा केवल डेढ़
प्रतिशत है बाकी 98.5 प्रतिशत ऊपर के 10 प्रतिशत अमीरों के कब्जे में है।
-बोईंग, डूपोन्ट, वेल्स फार्गो,
वेरीजॉन, जनरल इलैक्ट्रिक्स और डॉव केमिकल्स से 2008-2010 में हुऐ कुल मुनाफे में से अमरीकी
जनता को कर के रूप में केवल एक प्रतिशत प्राप्त हुआ।
5. हमारा समाज एक आदमी या एक परिवार को
इतनी सम्पत्ति रखने की छूट देता है जितने से दुनिया के सभी भूखों को खाना खिलाया
जा सकता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के आकलन के मुताबिक दुनिया
की भूखमरी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 3
अरब डॉलर की जरूरत है। जबकि बहुत से अमरीकियों की निजी सम्पत्ति इस धन राशि से
ज्यादा है।
दुनिया में 92.5 करोड़ लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता। विश्व खाद्य कार्यक्रम के
अनुसार एक आदमी के भोजन के लिए एक साल में लगभग 100 डॉलर की जरूरत है। यानि इसके लिए कुल 92 अरब डॉलर की दरकरा है जो वालमार्ट के 6 उत्तराधिकारियों की सम्पत्ति के बराबर
है।
अपमान की चरम सीमा
एक हेज फण्ड मैनेजर ने (जॉन पॉलसन) 2007 में एक वित्तीय कम्पनी (गोल्डमेन
सैक्स) के साथ षडयंत्र करके जोखिम भरे सबप्राइम बंधक पत्र तैयार किये ताकि मकान की
कीमतें गिरने का पूर्वानुमान करके अपने द्वारा तैयार किये हुए निश्चित तौर पर असफल
वित्तीय उपकरण के ऊपर दाँव खेलने में वह दूसरे लोगों के पैसों का उपयोग कर सके।
उसे इस सफलता पूर्वक खेले गये जुए में 3.7
अरब डॉलर की कमाई हुई। तीन साल बाद उसने 5
अरब डॉलर और बनाये जो वास्तविक दुनिया में 100000 स्वास्थ्य कर्मियों की तनख्वाह देने के लिए पर्याप्त होता।
मध्यम वर्गीय करदाताओं की और ज्यादा बेइज्जती
के लिए पॉलसन की आय के ऊपर कर की दर महज 15
प्रतिशत थी। दुगनी बेइज्जती के रूप में वह चाहे तो इस सब पर कोई कर अदा नहीं करेगा
क्योंकि हेज फण्ड के मुनाफे को अनिश्चित काल के लिए टाला या छुपाया जा सकता है।
तिगुनी बेइज्जती, कि उसके लाभ का एक भाग खुद उन्हीं
मध्यम वर्गीय करदाताओं के पैसे से हुआ जिसके जरिये उस (एआईजी) कम्पनी को डूबने से
बचाया (बेल आउट) गया जिसे उस जुआरी को दाँव में जीता हुआ पैसा चुकाना था।
और जिन लोगों को हमने अपने हितों की रक्षा के
लिए चुना वे इस बारे में कुछ भी कर पाने में अनिच्छुक या असमर्थ हैं।
(
पॉल बॉकेट डीपॉल
विश्वविद्यालय में आर्थिक असमानता विषय के अध्यापक हैं। वह सामाजिक न्याय और
शैक्षणिक वेबसाइट (UsAgainstGreed.org, PayUpNow.org,RappingHistory.org) के संस्थापक हैं,
और ‘अमेरिकन
वार: इल्यूजन एण्ड रियेलिटी’ (
क्लैरिटी प्रेस) के सम्पादक और मुख्य लेखक
हैं। काउन्टर पंच में प्रकाशित इस लेख का अनुवाद पारिजात ने किया
है। )