Wednesday, July 18, 2012

बीस दिन में अमरीका के तीन शहर दिवालिया



अमरीकी चौधराहट वाली इस नयी विश्व व्यवस्था का कमाल देखिये- भारत में “गाँव बिकाऊ है” का बोर्ड टंग रहा है और अमरीका में “शहर दिवालिया है” की गुहार लग रही है.
पिछले तीन हफ्तों में अमरीका के इस तीसरे शहर- सान बर्नाडीनो की परिषद ने शहर के दिवालिया होने की घोषणा की है. यह हाल है अमरीका के सबसे धनी प्रान्त कैलिफोर्निया का. इससे पहले पिछले तीन हफ्तों में स्टॉकटन और मैमथ लेक्स शहर दिवालिया होने की घोषणा कर चुके हैं.
अमरीका में वित्तीय मंदी की बुरी हालत का इजहार करते हुए साँ बर्नाडीनो की परिषद ने बहुमत से फैसला लेकर दिवालिया होने की घोषणा और सरकारी संरक्षण पाने के लिए अनुरोध किया है.
इस दिवालिया होनेवाले शहर में लगभग 210,000 निवासी है और शहरी परिषद का बजट घाटा लगभग 4.6 करोड़ डॉलर है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि परिषद शायद इस साल गर्मियों में अपने कर्मचारियों को वेतन भी न दे सके.
लॉस एजिलिस से 60 किलोमीटर पूर्व में स्थित सान बर्नाडीनो पर अमरीकी गृह ऋण संकट का खासा असर हुआ है. वहाँ के 5000 घरों पर कब्जा करना पड़ा, क्योंकि उनके मालिक कर्ज नहीं चुका पाए थे. शहर में बेरोजगारी की दर राष्ट्रीय औसत आठ प्रतिशत के मुकाबले में 16 प्रतिशत है.
दिवालियेपन की इस लहर के पीछे अमरीका का लाइलाज आर्थिक संकट है. आनेवाला समय वहाँ से ऐसी ही बुरी-बुरी खबरें लाने वाला है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने हाल ही में कहा था कि वह अमरीकी अर्थव्यवस्था में विकास दर के पूर्वानुमान को 2.1 से घटाकर 2 प्रतिशत कर रहा है.
जिन बहुराष्ट्रीय कंपनियों और बैंकों ने पूरी दुनिया को लूट-लूट कर तबाह किया है उनकी ही करतूत है कि भारत में “गाँव बिकाऊ है” का बोर्ड टंग रहा है और अमरीका में “शहर दिवालिया हो गया” का. तबाही का यह सिलसिला इजारेदार पूँजी के नाश के साथ ही खत्म होगा.


1 comment:

  1. कर्ज पर आधारित व्‍यवस्‍था को आज मान्‍यता मिली हुई है ..

    यहां तक कि व्‍यक्तिगत मामलों में भी कर्ज लेना आज मजबूरी या शैक है ..
    आने वाले दिनों में हर शहर हर गांव हर परिवार हर व्‍यक्ति का यही हाल होगा ..
    समग्र गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष

    ReplyDelete